#लड़कियों की सरकारी नौकरी शादी से पहले या शादी के बाद, # नौकरी के लिए संघर्ष#Struggle for a job


                     जॉब की तैयारी शादी से पहले या शादी के बाद


women struggle,jobs for female
struggle for a job

एक छोटी बच्ची जब जन्म लेती है तो मां बाप बोलते हैं कि उसके घर में लक्ष्मी आई है. उससे बहुत प्यार करते हैं,पूरे घर में खुशियां मनाई जाती है.
                     
     
    कुछ सालों बाद बच्ची स्कूल जाने लगती हैं, फिर उसके मन में कुछ बनने की इच्छा जागने लगती है, अंदर ही अंदर सपने देखने लगती है, कि मैं बड़ी होकर कुछ बनूंगी और वह उसी के मुताबिक मेहनत करती है. अपना कॉलेज पूरा करती है. और जॉब की तैयारी में जुट जाती है. दिन,रात मेहनत करती है, अपने सपने को पूरा करने के लिए.
                 

तभी, मम्मी की आवाज आती है..
मम्मी- बेटा अब थोड़ा रसोई में ध्यान दिया कर, कल को शादी होगी तो ताने आएंगे ससुराल से कि तुम्हारी बेटी को कुछ बनाना नहीं आता.
बेटी- मम्मी सीख लूंगी, बस एक बार मेरी सरकारी नौकरी लग जाने दो. फिर शायद सीखने की जरूरत ही ना पड़े, मैं एक पूरे दिन की कामवाली रख लूंगी.
मम्मी- हां! हां! पता है! पता है! जो कमांओगी सारी तनख्वाह कामवाली पर लुटा देना, पापा तेरे लिए लड़का देख रहे हैं. अच्छा लड़का मिल गया तो जल्दी शादी कर देंगे.
अरे! यह क्या?..
                 
job ki taiyari
struggle

अभी तो आप की लाडली शादी के लिए तैयार ही नहीं है. और आप शादी की बात कर रही है, अभी तो वह अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही है, उसकी नौकरी तो लग जाने दो, उसने इतनी मेहनत की है उसको तो सफल होने दो.
लेकिन नहीं...
बेटी- मम्मी अभी मुझे शादी नहीं करनी. मुझे पहले नौकरी करनी है, अपने पैरों पर खड़ा होना है. अपनी पहचान बनानी है.
मम्मी- बेटा! लड़की की पहचान उसके पति से होती है, और कर लेना नौकरी मना किसने किया है, लेकिन शादी भी जरूरी है, अच्छे  लड़के आसानी से नहीं  मिलते, शादी के बाद नौकरी कर लेना.
बेटी- गुस्से में! ठीक है! जैसा आपको ठीक लगे.

बेटी की अभी नौकरी भी नहीं लगी, अभी तो वह सिर्फ तैयारी कर रही है, फॉर्म भर रही है, इंटरव्यू दे रही है, जिसके लिए पढ़ना भी होता है, सिर्फ फॉर्म भरने से नौकरी नहीं लग जाती है.

पर बेटी अपनी मां-बाप की बात मान कर शादी कर लेती है. फिर शुरू होती है उसकी असली जिंदगी की पढ़ाई. ना कि उसके नौकरी के लिए पढ़ाई.

अगर बहू रात रात भर जग कर पढ़ाई करती है और उस वजह से सुबह जल्दी 6:00 बजे नहीं उठ पाती, तो सास ससुर की आंखें  सीधी हो जाती हैं, मुंह से सिर्फ यही निकलता है.. महारानी अभी तक सो रही हैं, नींद पूरी नहीं हुई उनकी.
कल तक जिस बेटे को खुद खाना बना कर दिया जाता था, आज वह बिना लंच बॉक्स लिए ऑफिस जाता है क्योंकि उसकी पत्नी सुबह जल्दी नहीं उठ पाई और उसने अपने पति के लिए खाना नहीं बना पाया.
                 
फिर जब उठने के बाद बहु पूरा काम खत्म करके पढ़ने बैठती  है, तब  थोड़ी देर बाद आवाज आती है, बहु चाय बना दो. अरे! चाय खुद बना लो, उसे पढ़ने दो, उसके पेपर आ रहे हैं.

यहां बात यह नहीं आती कि सास- ससुर कैसे हैं. यहां बात यह आती है कि जब घर में बहू आ जाती है, तो हर सास ससुर को यह लगता है कि उनके आराम के दिन आ गए. यहां वह गलत नहीं है.
लेकिन यहां वह बहू भी गलत नहीं है, जिसने इतने सारे सपने देखे थे अपने भविष्य को लेकर, उन्हें पूरा करना चाहती है. लेकिन होता यह है कि शादी से पहले लड़की जब बेटी होती है, तब मां-बाप को जल्दी होती है शादी की.
  जब बेटी किसी की बहू बन जाती है, तो सास ससुर को जल्दी होती है आराम पाने की. अगर लड़की की शादी के बाद नौकरी लगती है, तो कोई बात नहीं, सब कुछ बहुत अच्छा है, और अगर नहीं लग पाती है तो उसे बहुत बड़े मानसिक तनाव से होकर गुजरना पड़ता है, क्योंकि हर कोई यह बोलता है की समय तो पूरा पूरा दिया था पढ़ने का, फिर भी नहीं लगी तो क्या कर सकते हैं, लेकिन शायद सब यह भूल जाते हैं कि सबसे ज्यादा दुख उस लड़की को होता है उसकी नौकरी ना लगने का?
               
job for female
our dream

यहां मुझे यही बताना था कि अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है तो शादी से पहले कर लो बहिना! शादी के बाद तो बहुत बवाल है. बहुत मुश्किल होता है शादी के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करना, खासकर तब जब आप पूरे परिवार के साथ रहती है.
यह बातें आपको किसी भी बड़ी-बड़ी साइट जैसे गूगल,  bing.com, yahoo आदि पर कहीं नहीं मिलेंगे यह सब मैं अपने अनुभव से बता रही हूं, अगर आप शादी के बाद नौकरी करने की तैयारी का सोच रही है तो दिमागी रूप से मजबूत होकर ही सोचिए. और अपने सपने को पूरा कीजिए हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.

Post a Comment

नया पेज पुराने