अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

                  हैप्पी नर्स डे

                            
happy nurse day,first nurse of the world
nurse day

आज 12 मई दिन मंगलवार को पूरे दुनिया में नर्स डे मनाया जा रहा है. इस दिन ब्रिटिश परिवार में जन्मी दुनिया की पहली नर्स फ्लोरेंस नाइटेंगल का जन्म हुआ था. उन्होंने प्रीमिया  युद्ध में घायल हुए सैनिकों को लालटेन लेकर पूरे दिल से सेवा की थी, इसीलिए उन्हें "लेडी विथ द लैंप" के नाम से भी जाना जाता है.
                   

1860 में सेंट टॉमस अस्पताल की स्थापना हुई, जिसमें नर्सों के लिए नाइटेंगल प्रशिक्षण स्कूल खोला गया. इसमें इच्छुक युवतियों को नर्स का प्रशिक्षण दिया जाता था.
  सन 1953 में अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी डोरोथी सुंदरलैंड ने पहली बार यह दिन मनाने का प्रस्ताव रखा.
21 साल बाद जनवरी 1974 में अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक तारीख में निर्धारित की, और 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने की घोषणा की, क्योंकि 12 मई को विश्व की पहली नर्स फ्लोरेंस नाइटेंगल का जन्म हुआ था. इसी वजह से इस दिन को ही विश्व नर्स दिवस घोषित कर दिया गया.
                       


  हमारी नर्स एक हॉस्पिटल में उतनी ही जरूरी होती है जितने के डॉक्टर्स, अस्पताल में रोगियों को ठीक करने की जितनी मेहनत डॉक्टर्स करते हैं उतनी ही नर्स भी करती हैं. बल्कि उनसे ज्यादा करती हैं. डॉक्टर्स का काम तो मरीज के साथ थोड़े वक्त का होता है लेकिन नर्स का काम तब से होता है जब से एक रोगी अस्पताल में प्रवेश करता है, और नर्स तब तक उसके साथ होती है जब तक वह मरीज अस्पताल से ठीक होकर चला नहीं जाता . नर्स अपने तन मन से रोगियों की देखभाल मैं लगी रहती हैं, और अपना काम बहुत ईमानदारी से निभाती है.
                     


आज के दिन नर्सों के योगदान को सराहा जाता है, और उन्हें यह एहसास दिलाया जाता है कि वह समाज में कितनी जरूरी होती हैं, उन्हें भी लोग सम्मान की नजर से देखते हैं.
                     


हर साल नर्सों को 12 मई के दिन राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटेंगल पुरस्कार से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है.
हर साल लगभग 35 के करीब नर्सों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है

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