# संतान सुख# आई.वी.एफ.इकलौता समाधान## Child happiness # IVF only solution


जी हां अब आप भी बन सकते हैं माता पिता

                 
infertility

आईवीएफ क्या है? 

शादी के बाद हर लड़की का सपना होता है कि वह 1 दिन मां बनेगी. एक छोटा सा बच्चा उसके जीवन में आएगा और उसके जीवन को खुशियों से भर देगा.
लेकिन जब ऐसा नहीं होता है, किसी वजह से आप मां नहीं बन पाती, तो सर्वगुण संपन्न होते हुए भी वह खुद में अधूरा सा महसूस करती है, और कहीं हद तक घर वाले भी कभी ना कभी जाने जाने-अनजाने में यह एहसास दिला ही देते हैं कि वह मां नहीं बन पाई है,
                 
new-born-baby
ivf only solution

लेकिन आज के समय में यह भी संभव है. जो लड़की मां नहीं बन सकती या जो लड़का बाप नहीं बन सकता उनके लिए विज्ञान ने एक तकनीकी निकाली है, जिसको आई. वी. एफ. या टेस्ट ट्यूब बेबी बोलते हैं.
यह  देखने में, सुनने में ही अलग सा लगता है,लेकिन यह तकनीकी एकदम से विश्वसनीय तकनीकी है .इसमें अपना ही बच्चा होता है. कुछ लोगों से यह कहते हुए सुना है कि आई बीएफ से होने वाले बच्चे पति पत्नी की नहीं होते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है, अगर पति पत्नी में कोई समस्या नहीं है तो बच्चा पति-पत्नी का ही होता है .
                       

लोगों का यह कहना भी गलत नहीं है, कि बच्चा पति-पत्नी का नहीं होता है. यह उस केस में होता है जहां पति या पत्नी में कोई समस्या होती है. अगर पति के शुक्राणु कमजोर होते हैं वहां पर आप की सहमति से डॉक्टर शुक्राणु की व्यवस्था कराते हैं.
अगर पति चाहे तो अपने घर में से किसी व्यक्ति का शुक्राणु ले सकता है, अगर ऐसा नहीं करना चाहते हो तो आपको हॉस्पिटल में ही डोनर शुक्राणु मिल जाते हैं, जिसका आपको भुगतान देना होता है.
और अगर पत्नी मैं समस्या होती है,जैसे कि अंडे नहीं बने, या बच्चेदानी में समस्या, या फिर  PCOS या PCOD की समस्या है, तो उस केस में हॉस्पिटल में ही आपको डोनर अंडे मिल जाते हैं, और अगर हॉस्पिटल से नहीं लेना चाहते है तो आप अपने घर की किसी भी महिला के अंडे ले सकते हैं, लेकिन उसके लिए आपको अपने डॉक्टर को बताना होगा.

अगर पति पत्नी दोनों में ही किसी को कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन किसी कारणवश पत्नी मां नहीं बन पा रही तो उसके लिए सबसे अच्छा विकल्प यही है.
इस इलाज में खर्चा थोड़ा ज्यादा हो जाता है लेकिन यह खर्चा सबके लिए बच्चे से ज्यादा नहीं माना जाता.
इलाज में लगभग दो से तीन लाख रुपए का खर्चा आ जाता है.
बहुत सारे अस्पताल में यह राशि एक साथ पूरी नहीं लेते. उसके लिए भी अस्पताल वालों ने ईएमआई की सुविधा दे रखी है, तो आप भी सोचिए मत जल्द से जल्द ही एक कदम बढ़ाइए और संतान सुख की प्राप्ति कीजिए.

अगर आपको इसके बारे में और भी जानकारी चाहिए ,
जैसे- कौन से हॉस्पिटल मैं यह इलाज कराना चाहिए, क्योंकि हमें  आधे से ज्यादा टाइम  हॉस्पिटल ढूंढने में ही  लग जाता है.यह बात  मैं अपने तजुर्बे से  बता रही हूं. आपको उससे  जुड़ी हुई  कोई भी जानकारी चाहिए तो इस बारे में मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर लिखें.


Post a Comment

नया पेज पुराने