दोपहर के भोजन के बाद नींद का आना प्राकृतिक है #It is natural to have sleep after lunch#Three defects of the body

अक्सर आपने गौर किया होगा कि जैसे ही हम खाना खाते हैं मैं तेज नींद आने लगती है यह किसी की कोई भी बुरी आदत नहीं है यह प्राकृतिक है ऐसा हमारे शरीर की अंदरूनी क्रियाओं द्वारा होता है, तो हमें उस नींद को अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि नींद को लेने के बाद हमारा शरीर पहले से अधिक ऊर्जावान हो जाता है लेकिन यह भी सही है कि हमें सिर्फ दोपहर के खाना खाने के बाद ही सोना चाहिए शाम के खाने के बाद नहीं. चाहे वो बाबा रामदेव हो या श्री श्री रवि शंकर शास्त्री जी. हमारे देश के  बड़े-बड़े योगियों  ने भी  यह नीति अपनाई है. इससे जुड़ी हुई कुछ जानकारियां आगे पड़ेंगे.
                     

सबसे पहले हम अपने शरीर के उन तीन दोषों के प्रभाव के बारे में जानेंगे जिससे हमारा पूरा शरीर क्रियाशील होता है.

शरीर के तीन दोष -

1- वात( वायु)
2- पित्त( अग्नि)
3- कफ

1- वात- वात का प्रभाव सुबह के वक्त बहुत होता है. अगर वायु नहीं होगी तो पेट भी साफ नहीं होगा इसलिए वायु को संतुलित रखने के लिए सुबह के वक्त पानी या जूस की जरूरत होती है. अगर आप पानी या जूस की जगह दूध या छाछ पीते हैं तो वह नुकसान दायक होगी.
                     

2- पित्त- दोपहर के वक्त सूर्य का पित्त के साथ सीधा संबंध होता है मतलब सूर्य शरीर में तपन उत्पन्न करता है जिस को शांत करने के लिए ठंडक की जरूरत होती है इसलिए दोपहर के वक्त खाना खाने के बाद दही या छाछ का सेवन करना उत्तम माना जाता हैै.
3- कफ- रात को कफ का प्रभाव ज्यादा होता है इसलिए इसको शांत करने के लिए गुनगुना दूध पीना उत्तम माना जाता है, अगर दूध गाय का हो तो बहुत ही अच्छा होगा.
                       

यहां हमने शरीर के तीन दोषों की क्रियाओं के बारे में जाना, अब हम खाना खाने के बाद नींद क्यों आती है? इसके बारे में जानेंगे.....

दोपहर का खाना खाने के बाद हमारे शरीर में जठराग्नि उत्पन्न होती है, जिसमें अत्यधिक खून की जरूरत होती है, जिससे कि खाना पच सके.
उसी के लिए हमारे शरीर का खून पेट में इकट्ठा होता है और जब तक खाना नहीं पचता है खून पेट में ही रहता है. इस वजह से शरीर के बाकी अंगों को खून की कमी होने लगती है, जिसकी वजह से प्रेशर बढ़ता है, और वही प्रेशर दिमाग तक आता है, दिमाग को भी रिलैक्स की जरूरत होती है, इसलिए खाना खाने के बाद सुस्ती आने लगती है. यह तो प्रकृति का नियम है इसलिए बिना किसी संकोच के सो लेना चाहिए.

दोपहर की इस नींद को लेकर यूरोप, अमेरिका आदि देशों में बहुत सारी खोज हुई है. ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मेक्सिको की कंपनियों ने दोपहर के भोजन के बाद कर्मचारियों को ब्रेक देना शुरू कर दिया है.
                     

यहां की सरकार ने तो कानून ही बना दिया है कि प्रत्येक कर्मचारी को दोपहर के खाना खाने के बाद झपकी लेना आवश्यक है. क्योंकि उन्हें ऐसा करने के बाद पता चला कि दोपहर की झपकी के बाद उनके प्रत्येक कर्मचारी की काम करने की क्षमता 3 गुना बढ़ गई है.

इसलिए दोपहर की झपकी लेने में कोई संकोच ना करें क्योंकि अगर झपकी लेने से आप स्वस्थ रहते हैं तो इससे अच्छी कोई मेडिसिन नहीं है.
                                           दूध को कब, कैसे, क्यों, किसके साथ पीना और नहीं पीना चाहिए

English Translate-

Often you must have noticed that as soon as we eat food, I start getting fast sleep, it is not a bad habit of anyone, it is natural, it happens by internal actions of our body, then we should not ignore that sleep because After taking sleep our body becomes more energetic than before but it is also right that we should sleep only after having lunch and not after the evening meal. Whether it is Baba Ramdev or Sri Ravi Shankar Shastri. The big yogis of our country have also adopted this policy. Some information related to this will come forward.

First of all, we will know about the effect of those three doshas of our body by which our whole body becomes functional.

Three defects of the body -

1- Vata (air)
2- Pitta (fire)
3- Kapha

1- Vata- Vata has a lot of effect in the morning. If there is no air then the stomach will not be clean, so water or juice is needed in the morning to keep the air balanced. If you drink milk or buttermilk instead of water or juice, then it will be harmful.

2- Pitta- In the afternoon, the sun has a direct relationship with the bile, meaning the sun produces heat in the body which needs coolness to calm down, so eating curd or buttermilk after eating in the afternoon is best. is believed

3- Kapha - Kapha is more effective at night, so it is considered best to drink lukewarm milk to soothe it, if the milk is from cows, it will be very good.

We learned about the actions of the three doshas of the body, now we will learn about sleep after eating food .....

After eating lunch, our body produces gastritis, which requires excessive blood, so that the food can be digested.
For the same, the blood of our body collects in the stomach and the blood remains in the stomach until the food is digested. Because of this, the other parts of the body start to lack blood, due to which the pressure increases and the same pressure comes to the brain, the brain also needs to relax, so after eating food, lethargy starts. This is a law of nature, so one should sleep without any hesitation.

A lot of research has been done in Europe, America, etc. on this afternoon's sleep. Companies in Australia, Brazil, Mexico have started giving employees a break after lunch.

The government here has made a law that every employee is required to take a nap after having lunch. Because after doing this they came to know that after the nap of the afternoon, the working capacity of each of their employees has increased 3 times.

So do not hesitate to take an afternoon nap because there is no better medicine than taking a nap.

#proper intake of Milk


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